– सुशील चौहान
उत्तराखण्ड: जसपुर रोडवेज बस अड्डे को मंजूरी मिलने के बाद विरोधी पक्ष द्वारा रोडवेज बस अड्डे के निर्माण पर स्थगन आदेश प्राप्त करने के लिए नैनीताल हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई ।
इस मामले में 30 जून 2026 को आर्गुमेंट की तारीख नियत थी । नियत तिथि के अनुसार 30 जून2026 को दोनों पक्ष आर्गुमेंट के लिए नैनीताल उच्च न्यालय में पेश हुए । सूत्रों के अनुसार विद्यालय प्रबंध समिति की ओर से उच्च न्यायालय से मांग की गई कि मामले से संबंधित उनका कोई आवश्यक दस्तावेज सबमिट होने से रह गया है । जिसे सबमिट करने के लिए उन्हें एक दिन की मोहलत दी जाए । इस पर उच्च न्यायालय द्वारा कॉलेज प्रबंधन समिति को दस्तावेज सबमिट करने के लिए 1 जुलाई तक का समय दिया । विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा अब 1 जुलाई को उच्च न्यायालय में
इस मामले में 30 जून 2026 को आर्गुमेंट की तारीख नियत थी । नियत तिथि के अनुसार 30 जून2026 को दोनों पक्ष आर्गुमेंट के लिए नैनीताल उच्च न्यालय में पेश हुए । सूत्रों के अनुसार विद्यालय प्रबंध समिति की ओर से उच्च न्यायालय से मांग की गई कि मामले से संबंधित उनका कोई आवश्यक दस्तावेज सबमिट होने से रह गया है । जिसे सबमिट करने के लिए उन्हें एक दिन की मोहलत दी जाए । इस पर उच्च न्यायालय द्वारा कॉलेज प्रबंधन समिति को दस्तावेज सबमिट करने के लिए 1 जुलाई तक का समय दिया । विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा अब 1 जुलाई को उच्च न्यायालय मेंअपना दस्तावेज सबमिट किया जाएगा ।
ज्ञात हो कि उत्तराखण्ड के जनपद ऊधम सिंह नगर के प्रमुख नगर जसपुर में लम्बे समय से रोडवेज बसस्टैंड बनाने की मांग चली आ रही थी । आपदा प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष विनय रोहेला के प्रयासों से रोडवेज बस स्टैंड को मंजूरी मिलती थी,लेकिन स्थानीय राजनैतिक गुटबाजी के रोडवेज अड्डे का निर्माण लटक जाता था । लेकिन विनय रोहेला जसपुर में रोडवेज बसस्टैंड बनवाने के लगातार प्रयास में लगे रहे । उन्होंने पिछले दिनों सरकार से जसपुर- काशीपुर मार्ग स्थित एक इंटर कालेज के पीछे स्थित भूमि में रोडवेज बस स्टैंड की मंजूरी करा दी । उसके बाद हाल ही में यह भूमि उत्तराखण्ड परिवहन निगम को हस्तांतरित हो गई ।
इस पर आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहेला ने क्षेत्र वासियों की मांग पर इस भूमि पर फेयर स्टॉपेज बनाकर रोडवेज बसों के संचालन की व्यवस्था का फीता काटकर शुभारंभ किया । जिसके दौरान उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि विरोधी फिर से कोर्ट में जाकर रोडवेज बस अड्डे के निर्माण में अवरोध पैदा कर अलंग लगा सकते हैं । और वही हुआ जो उन्होंने कहा था । जिस कॉलेज के पीछे स्थित भूमि में रोडवेज बस अड्डे के निर्माण को मंजूरी मिली है और जो मंजूरी के बाद उत्तराखंड परिवहन निगम को हस्तांतरित हुई है, पर रोडवेज बसस्टैंड के निर्माण पर स्थगन आदेश (स्टेय ) प्राप्त करने के लिए संबंधित इंटर कॉलेज प्रबंध समिति ने नैनीताल हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है ।
इस पर आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहेला ने क्षेत्र वासियों की मांग पर इस भूमि पर फेयर स्टॉपेज बनाकर रोडवेज बसों के संचालन की व्यवस्था का फीता काटकर शुभारंभ किया । जिसके दौरान उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि विरोधी फिर से कोर्ट में जाकर रोडवेज बस अड्डे के निर्माण में अवरोध पैदा कर अलंग लगा सकते हैं । और वही हुआ जो उन्होंने कहा था । जिस कॉलेज के पीछे स्थित भूमि में रोडवेज बस अड्डे के निर्माण को मंजूरी मिली है और जो मंजूरी के बाद उत्तराखंड परिवहन निगम को हस्तांतरित हुई है, पर रोडवेज बसस्टैंड के निर्माण पर स्थगन आदेश (स्टेय ) प्राप्त करने के लिए संबंधित इंटर कॉलेज प्रबंध समिति ने नैनीताल हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है ।