जसपुर क्षेत्र के गांव रामनगर वन से 2 दिन में 2 कुत्ते उठा कर ले गया गुलदार, उसके बाद गुलदार एक बकरी का बच्चा उठा कर ले गया,एक कुतिया गांव वीर पुरी से उठा कर ले गया गुलदार,रुकने का नाम नहीं ले रहा है गुलदार का आतंक, गांववासियों में दहशत

– सुशील चौहान 
उत्तराखण्ड: गुलदार जसपुर क्षेत्र के गांव रामनगर वन से 2 दिन में 2 कुत्ते उठा कर ले गया ।
जानकारी के अनुसार जनपद ऊधम सिंह नगर के जसपुर क्षेत्र अंतर्गत गांव रामनगर वन निवासी कोमल कुमार उर्फ सिंटू पुत्र गजराम सिंह विगत 10 अगस्त 2026 को सांय करीब 7:30 बजे अपने घेर (पशुशाला) के सामने अपने कुत्ते को घुमा रहे थे, तभी गुलदार उनके कुत्ते को उठा कर ले गया । उन्होंने काफी शोर मचाया और गुलजार का पीछा भी किया । लेकिन गुलदार ने कुत्ते को नहीं छोड़ा । जिससे वे और उनके परिजन शोक संतप्त हैं । 11 अगस्त 2026 को गुलदार गांव में तंबू लगकर गांव रामनगर वन में रह रहे कलाबाजों का‌ कुत्ता भी उठा कर ले गया । गुलदार 14 अगस्त 2026 को गुलदार गांव रामनगर वन निवासी सलमान पुत्र जहीर उद्दीन उर्फ जरिया मिस्त्री की बकरी के बच्चे को गांव के बहर नहर पर चरते समय उठा करले गया । उसके बाद गुलदार 17 अगस्त 2026 को सांय करीब 7:30 बजे पास के गांव वीर पुरी निवासी प्रदीप कुमार पुत्र हरिराज सिंह की पशुशाला से कुतिया को उठा कर ले गया ।
कुल मिलाकर गुलदार का आतंक रुकने का नाम नहीं ले रहा है ।
गुलदार द्वारा एक के बाद एक घटना को अंजाम दिए जाने से गांव वासियों में दहशत बनी हुई है । इसके बावजूद वन विभाग गहरी नींद में सोया हुआ है। वह गुलदार के आतंक को रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा । शायद उसे किसी बड़ी घटना का इंतजार है । जिस गांव वासियों में भारी रोष व्याप्त है । गांववासियों द्वारा बार-बार मांग की जा रही है कि गांव के आसपास पिंजड़ा लगाकर गुलदार को पड़कर जंगल में छोड़ा जाए ।
समस्या के समाधान को वन विभाग के  अधिकारियों से बात करेंगे भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता 
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता ने भी गुलदार द्वारा एक के बाद एक घटना को अंजाम दिए जाने पर चिंता व्यक्त की और कहा कि वे इस संबंध में वन विभाग के अधिकारियों से बात कर इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने की मांग करेंगे । उन्होंने कहा कि यदि गुलदार का आतंक नहीं रुक पाएगा तो किसानों को अपने खेतों में काम करने के लिए जाना मुश्किल हो जाएगा और किसानों के सामने एक बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी ।