जसपुर में भारतीय किसान यूनियन के धरना-प्रदर्शन के प्रभाव से कच्चे आढ़तियों की धान की तौल शुरू ,भारतीय किसान यूनियन का आंदोलन सफल,क्षेत्रीय विधायक, सामाजिक कार्यकर्ताओं व राजनैतिक लोगों का मिला सहयोग 

सुशील चौहान 
उत्तराखण्ड: जसपुर में कच्चे आढ़तियों की धान की तौल न होने से परेशान किसानों में भारी रोष व्याप्त हो गया और आक्रोशित किसानों व भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और जमकर नारेबाजी की । आंदोलित किसान व भाकियू कार्यकर्ता कच्चे आढ़तियों की धान तौल आज करो अभी करो पर अड़ गए। आंदोलित किसानों व भाकियू कार्यकर्ताओं के आंदोलन के प्रभाव से कच्चे आढ़तियों की धान की तौल शुरू हो गई और उनका आंदोलन सफल हो गया ।
जनपद ऊधम सिंह नगर के प्रमुख नगर जसपुर में कच्चे आढ़तियों की धान की तौल न होने किसानों की धान से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में भारी संख्या में जमा हो गईं। जब कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में ट्रैक्टर ट्रॉलियों खड़े होने के लिए जगह नहीं रही तो किसानों को कृषि उत्पादन मंडी समिति के सामने सड़क पर खड़ा करना पड़ा । जिससे
किसानों को भारी नुकसान और परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जिससे किसानों व भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त हो गया। 21 अक्टूबर 2026 को आक्रोशित किसानों व भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और नारेबाजी कर दी । उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया । इस दौरान आक्रोशित किसानों व भाकियू कार्यकर्ताओं की एसडीएम से वार्ता हुई । एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों से वार्ताकार जल्द से जल्द उनकी समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया । कुछ देर बाद संबंधित अधिकारी आंदोलित किसानों के बीच पहुंचे । उन्होंने भारतीय किसान यूनियन के नेताओं से वार्ता की । काफी जद्दोजहद के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला । उसके बाद राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश पदाधिकारी नितेश अग्रवाल के नेतृत्व में धरना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने धान की तौल के संबंध में विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में आंदोलित किसनों व भाकियू कार्यकर्ताओं से वार्ता की । जिसके दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी गर्मा गर्मी हुईं। काफी जद्दोजहद के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला और राइस मिलर्स उठ कर चले गए । उसके बाद उन्होंने कृषि उत्पादन मंडी समिति के सभागार में विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में अपनी बैठक की । काफी देर तक मनन मंथन के उन्होंने अपनी टेक्निकल परेशानियों को देखते हुए धन ने खरीदने का निर्णय लिया और उन्होंने पुनः धरना स्थल पर पहुंच कर आंदोलित किसानों और भाकियू कार्यकर्ताओं के सामने हाथ खड़े कर दिए । इस पर भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता ने तीखे तेवर में कहा कि वे कच्चे आढ़तियों की धान की तौल करवा कर रहेंगे । इसी बीच क्षेत्रीय विधायक आदेश सिंह चौहान मौके पर पहुंच गए और उन्होंने मध्यस्थ की राइस मिलर्स को समझाया । उन्होंने दूरभाष पर विपणन विभाग के उच्च अधिकारियों से वार्ता की । तब कहीं जाकर कच्चे आढ़तियों की धान तौल का रास्ता साफ हुआ और किसानों ने राहत की सांस ली ।किसानों की धान से लदी हुई 50 ट्रैक्टर ट्रालियां राइस मिलों में तुलने के लिए भेजी गईं। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता ने बताया कि बाकी ट्रालियों को 22 अक्टूबर 2026 को राइस मिलों में तुलने के लिए भेजा जाएगा । अब कच्चे आढ़तियों की धान की तौल नियमित रूप से होती रहेगी । किसानों ने आंदोलन कर आढ़तियों की धान की तौल शुरू कराने पर भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता व अन्य पदाधिकारियों को धन्यवाद दिया और उनका आभार व्यक्त किया। इस मौके पर भाकियू ब्लॉक अध्यक्ष अमनप्रीत सिंह,जगजीत सिंह भुल्लर, चौधरी किशन सिंह ,हरदीप सिंह, ज्ञानी तारा सिंह , निर्मल सिंह, बादल गोस्वामी, गिरेंद्र कुमार, हरप्रीत सिंह, मोहसिन खान, जोगेंद्र सिंह, सतनाम सिंह, अवतार सिंह, बलविंदर सिंह, दलविंदर सिंह, कुलवीर सिंह, कुलदीप सिंह काका, संजीव कुमार, सतपाल सिंह, रनजीत सिंह, गुरदेव सिंह, रसपाल सिंह, इंद्रजीत सिंह आदि किसान व उनके सहयोगी मौजूद रहे ।
जिला पंचायत सदस्य एवं सामाजिक कार्यकर्ता चरनजीत सिंह चन्नी व उनकी टीम तथा आजाद समाज पार्टी के युवा नेता नईम प्रधान ने धरना स्थल पर पहुंचकर किसनों की मांग को जायज ठहराया और उनके आंदोलन कोअपना भरपूर समर्थन दिया ।