-सुशील चौहान
उत्तराखण्ड: भारतीय किसान यूनियन द्वारा गेहूं तौल की लिमिट बढ़ाने की मांग को लेकर किए गए आंदोलन के बाद तौल की लिमिट बढ़ गई । यह यूनियन के आंदोलन का परिणाम और यूनियन की सफलता है ।
गेहूं की तौल की लिमिट समाप्त हो जाने पर गेहूं खरीद केंद्रों पर गेहूं की तौल बंद हो गई थी । इस पर काफी परेशान और चिंतित हो गए थे । क्योंकि उनका गेहूं खरीद केंद्रों पर पड़ा हुआ बर्बाद हो रहा था । किसानों का गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ था वे और अधिक चिंतित थे । किसाने की इस पीड़ा को देखते हुए भारतीय किसान यूनियन द्वारा गेहूं तौल की लिमिट बढ़ाने की मांग को लेकर 13 अप्रैल 2026 को हल्द्वानी RFC कार्यालय पर नारेबाजी के साथ जबर्दस्त प्रदर्शन हंगामा किया था और कार्यालय के अंदर धरना दिया था। उसके बाद भी गेहूं की तौल की लिमिट न बढ़ पाने पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं और किसनों ने 16 अप्रैल को एस एम ओ कार्यालय पर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन कर गेहूं खरीद केंद्रों पर सफेद हाथी बने तौल कांटों और लगी फ्लेक्सियों को जुलूस के साथ ले जाकर कृषि उत्पादन मंडी समिति के गेट पर रखकर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया था और फ्लेक्सियों को फूंक दिया था । जिसके परिणाम स्वरूप सरकार द्वारा अपनी चुप्पी तोड़कर गेहूं की तौल की लिमिट बढ़ा दी गई । जिससे गेहूं की तौल का रास्ता साफ हो गया है । युवा भारतीय किसान यूनियन के जसपुर ब्लॉक अध्यक्ष अमनप्रीत सिंह ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन के आंदोलन के बाद सरकार द्वारा आरएफसी के जसपुर, ऊसिंन के दो क्रय केन्द्रों पर 5000 कुंतल और यूसीएफ के 3 गेहूं खरीद केंद्रों की 1800 कुंतल प्रति केंद्र लिमिट जारी कर दी गई है । 17 अप्रैल से पंजीकृत और टोकन प्राप्त किसानों की नियमानुसार तौल की जाएगी ।
गेहूं की तौल की लिमिट समाप्त हो जाने पर गेहूं खरीद केंद्रों पर गेहूं की तौल बंद हो गई थी । इस पर काफी परेशान और चिंतित हो गए थे । क्योंकि उनका गेहूं खरीद केंद्रों पर पड़ा हुआ बर्बाद हो रहा था । किसानों का गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ था वे और अधिक चिंतित थे । किसाने की इस पीड़ा को देखते हुए भारतीय किसान यूनियन द्वारा गेहूं तौल की लिमिट बढ़ाने की मांग को लेकर 13 अप्रैल 2026 को हल्द्वानी RFC कार्यालय पर नारेबाजी के साथ जबर्दस्त प्रदर्शन हंगामा किया था और कार्यालय के अंदर धरना दिया था। उसके बाद भी गेहूं की तौल की लिमिट न बढ़ पाने पर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं और किसनों ने 16 अप्रैल को एस एम ओ कार्यालय पर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन कर गेहूं खरीद केंद्रों पर सफेद हाथी बने तौल कांटों और लगी फ्लेक्सियों को जुलूस के साथ ले जाकर कृषि उत्पादन मंडी समिति के गेट पर रखकर नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया था और फ्लेक्सियों को फूंक दिया था । जिसके परिणाम स्वरूप सरकार द्वारा अपनी चुप्पी तोड़कर गेहूं की तौल की लिमिट बढ़ा दी गई । जिससे गेहूं की तौल का रास्ता साफ हो गया है । युवा भारतीय किसान यूनियन के जसपुर ब्लॉक अध्यक्ष अमनप्रीत सिंह ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन के आंदोलन के बाद सरकार द्वारा आरएफसी के जसपुर, ऊसिंन के दो क्रय केन्द्रों पर 5000 कुंतल और यूसीएफ के 3 गेहूं खरीद केंद्रों की 1800 कुंतल प्रति केंद्र लिमिट जारी कर दी गई है । 17 अप्रैल से पंजीकृत और टोकन प्राप्त किसानों की नियमानुसार तौल की जाएगी ।यह जीत हर उस किसान की है जिसने अपने हक के लिए भारतीय किसान यूनियन के साथ कंधा मिलाकर आवाज उठाई । उन्होंने गेहूं तौल की लिमिट बढ़ने पर हर्ष व्यक्त किया और इसे गेहूं तौल की लिमिट बढ़ाने के लिए भारतीय किसान यूनियन द्वारा किए गए आंदोलन का परिणाम बताया । उन्होंने आंदोलन को मिली सफलता के लिए सभी सहयोगी किसान भाइयों का आभार व्यक्त किया ।