– सुशील चौहान
उत्तराखण्ड: श्रावण मास की अमवस्या पर 12 अगस्त 2026 को जनपद ऊधम सिंह नगर के प्रमुख क्षेत्र जसपुर के गांव अमिया वाला निवासी सोहन सिंह सैनी के घर में शाम को करीब 7 बजे से अचानक शांत स्वभाव का एक बंदर आ गया । जिसने परिवार के किसी सदस्य पर हमला नहीं किया । इस पर उन्होंने देवता स्वरूप मनकर उसके साथ श्रद्धा भाव का आचरण किया । गृह स्वामिनी ने उसे खाना खाने के लिए दिया । वह बिना किसी भय के गृह स्वामी के हाथ से आराम से खाना खाता रहा ।
बिना किसी प्रकार की हरकत किए बिना गृह स्वामिनी के साथ खाना खाते रहने पर परिवार के लोग आश्चर्य में डूब गए । खाना खाने के बाद परिजनों ने उसके सोने के लिए चारपाई पर बिस्तर कर दिया । वह आराम से इंसानों की तरह चारपाई पर हुए बिस्तर पर सो गया । इस बंदर के शांत स्वभाव और उसके क्रियाकलापों को को देखकर परिवार वालों का मानना है कि उनके घर यह बंदर देवता स्वरूप आया है । उनका कहना है कि उन्हें यह नहीं पता ये किस वे उनके यहां किस रूप मे आए हैं । क्योंकि श्रावण मास चल रहा है और 12 अगस्त को अमावस्या भी है । इसीलिए परिजन उसे देवता का स्वरूप मान रहे हैं । फिलहाल देवता स्वरूप माना जा रहा यह बंदर आस्था और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है । लोग उसके क्रियाकलापों को देखकर आश्चर्य में डूबे हुए हैं ।
बिना किसी प्रकार की हरकत किए बिना गृह स्वामिनी के साथ खाना खाते रहने पर परिवार के लोग आश्चर्य में डूब गए । खाना खाने के बाद परिजनों ने उसके सोने के लिए चारपाई पर बिस्तर कर दिया । वह आराम से इंसानों की तरह चारपाई पर हुए बिस्तर पर सो गया । इस बंदर के शांत स्वभाव और उसके क्रियाकलापों को को देखकर परिवार वालों का मानना है कि उनके घर यह बंदर देवता स्वरूप आया है । उनका कहना है कि उन्हें यह नहीं पता ये किस वे उनके यहां किस रूप मे आए हैं । क्योंकि श्रावण मास चल रहा है और 12 अगस्त को अमावस्या भी है । इसीलिए परिजन उसे देवता का स्वरूप मान रहे हैं । फिलहाल देवता स्वरूप माना जा रहा यह बंदर आस्था और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है । लोग उसके क्रियाकलापों को देखकर आश्चर्य में डूबे हुए हैं ।