-सुशील चौहान
उत्तराखण्ड: किसी व्यक्ति द्वारा जसपुर के एक नोटेरी अधिवक्ता की फर्जी मोहर बना कर व उनके फर्जी हस्ताक्षर कर फर्जी ढंग से दस्तावेज सत्यापित कर फर्जीवाड़ा किये जाने का मामला उस समय प्रकाश में आया , जब हरथला , मुरादाबाद, उत्तरप्रदेश की पुलिस टीम 9 अप्रैल 2026 को एक दस्तावेज सत्यापित करने के बहाने जनपद ऊधम सिंह नगर के प्रमुख नगर जसपुर तहसील परिसर स्थित नोटरी अधिवक्ता दिनेश कुमार कौशिक
के चेंबर में फर्जीवाड़े की जांच करने पहुंची । पुलिस ने नोटरी अधिवक्ता दिनेश कुमार कौशिक से एक दस्तावेज सत्यापित करने को कहा । इस पर उन्होंने पुलिस से वास्तविक दस्तावेज मांगा तो पुलिस सकते में आ गई और हकीकत उगलने के लिए मजबूर हो गई । उसने मोहर व उनके हस्ताक्षर से सत्यापित दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि कया यह दस्तावेज आपने सत्यापित किया है ? । इस पर उन्होंने पुलिस से कहा कि उक्त सत्यापित दस्तावेज पर लगी मोहर उनकी नहीं है और न ही उस पर उनके हस्ताक्षर हैं । पुलिस ने उनकी मोहर व हस्ताक्षर का बारीकी से मिलान किया तो मोहर व हस्ताक्षर अधिवक्ता दिनेश कौशिक के नहीं पाए गए । अधिवक्ता दिनेश कौशिक ने पूछताछ के दौरान पुलिस टीम को बताया कि पंचायत चुनाव के दौरान भी किसी व्यक्ति द्वारा उनकी फर्जी मोहर बनवा कर इसका इस्तेमाल किया गया था । उसका भी खुलासा हो गया था । उन्होंने कहा कि वे हमेशा सच के साथ हैं । सांच को आंच नहीं । इस पर पुलिस अधिवक्ता की बात से संतुष्ट होकर और उन्हें धन्यवाद देकर चली गई । पुलिस टीम द्वारा जांच किए जाने के दौरान तहसील परिसर में हड़कंप मच गया । अधिवक्ताओं व अन्य लोगों की भीड़ लग गई ।
के चेंबर में फर्जीवाड़े की जांच करने पहुंची । पुलिस ने नोटरी अधिवक्ता दिनेश कुमार कौशिक से एक दस्तावेज सत्यापित करने को कहा । इस पर उन्होंने पुलिस से वास्तविक दस्तावेज मांगा तो पुलिस सकते में आ गई और हकीकत उगलने के लिए मजबूर हो गई । उसने मोहर व उनके हस्ताक्षर से सत्यापित दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि कया यह दस्तावेज आपने सत्यापित किया है ? । इस पर उन्होंने पुलिस से कहा कि उक्त सत्यापित दस्तावेज पर लगी मोहर उनकी नहीं है और न ही उस पर उनके हस्ताक्षर हैं । पुलिस ने उनकी मोहर व हस्ताक्षर का बारीकी से मिलान किया तो मोहर व हस्ताक्षर अधिवक्ता दिनेश कौशिक के नहीं पाए गए । अधिवक्ता दिनेश कौशिक ने पूछताछ के दौरान पुलिस टीम को बताया कि पंचायत चुनाव के दौरान भी किसी व्यक्ति द्वारा उनकी फर्जी मोहर बनवा कर इसका इस्तेमाल किया गया था । उसका भी खुलासा हो गया था । उन्होंने कहा कि वे हमेशा सच के साथ हैं । सांच को आंच नहीं । इस पर पुलिस अधिवक्ता की बात से संतुष्ट होकर और उन्हें धन्यवाद देकर चली गई । पुलिस टीम द्वारा जांच किए जाने के दौरान तहसील परिसर में हड़कंप मच गया । अधिवक्ताओं व अन्य लोगों की भीड़ लग गई ।