उत्तराखण्ड किसान आयोग के उपाध्यक्ष राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नामधारी ने रुद्रपुर के विकास भवन में की कृषि संबंधी कार्यों की समीक्षा बैठक,अधिकारियों पर कसा शिकंजा,निर्देशों का पालन न करने पर दी अधिकारियों के खिलाफ आयोग की धारा 21 के अंतर्गत सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी

 -सुशील चौहान 
उत्तराखण्ड :किसान आयोग के उपाध्यक्ष राज्य मंत्री द्वारा रुद्रपुर के विकास भवन में कृषि संबंधी कार्यों की पहली समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया । जिसमें कृषि संबंधित विभागों के अधिकारियों से कृषि संबंधी कार्यों की गहनता से समीक्षा की गई । अधिकारियों को किसनों की आवश्यकताओं व भावनाओं के अनुरूप समय से कार्य करने के निर्देश दिए और निर्देशों का पालन न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ आयोग आयोग की धारा 21 के अंतर्गत कार्रवाई करने की चेतावनी दी ।
किसान आयोग के उपाध्यक्ष राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नामधारी ने जनपद ऊधम सिंह नगर मुख्यालय रुद्रपुर के विकास भवन कार्यालय के शहीद उधम सिंह सभागार में किसान दिवस के शुभ अवसर पर उत्तराखंड किसान आयोग के निर्देशन में आयोग के नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष दर्जा राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नामधारी द्वारा अपनी नियुक्ति के पश्चात कृषकों से संबंधित सभी विभागों के अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया जिसमें जिले भर से पहुंचे किसान प्रतिनिधियों ने भी इस बैठक में प्रतिभाग किया । बैठक में पहुंचे किसान आयोग के दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नामधारी का बैठक में मौजूद किसान संगठनों के पदाधिकारियों, ग्राम पंचायतों के प्रधानों व अधिकारियों ने फूल-मालाएं पहनाकर एवं पुष्प पुष्प गुच्छ भेंटकर जोरदार स्वागत किया । उसके पश्चात राज्य मंत्री ने दीपक प्रज्वलित कर महान क्रांतिकारियों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित करके बैठक का शुभारंभ किया । उसके पश्चात बैठक को सुचारू रूप से आगे बढ़ाते हुए बैठक के संचालन कर्ता मुख्य कृषि अधिकारी वीके सिंह ने सर्वप्रथम पशु विभाग को विभाग की सभी योजनाएं कृषकों के सम्मुख रखने के लिए मंच पर आमंत्रित किया जिसमें विभाग के अधिकारियों ने विभाग की योजनाएं कृषकों को बताई जिसमें किसानों ने हंगामा करते हुए पशुपालन विभाग पर योजनाओं का लाभ नहीं देने का आरोप लगाकर पशु डॉक्टरों का समय से मौके पर नहीं पहुंचना, ना दी जाने वाली दवाइयां जबरन देना, फ्री दवाईयो पर पैसे लेना, मुंह खोर गला घोटूं इंजेक्शन पूरे जिले के किसी भी ब्लॉक न लगाए जाने की शिकायत की । तो वहीं उद्यान विभाग में इस बार जामुन के पौधों पर अधिक फोकस करने की मांग उठी ।  बाजपुर ब्लॉक से पर्वतीय फुलेरा दूध समिति के सुपरवाइजर द्वारा समिति को घाटा पहुंचने का हवाला देकर इलेक्ट्रॉनिक मशीन उठा कर ले जाने का आरोप सामने आया इसी के साथ खटीमा ब्लॉक से दूध का 50 ग्राम के स्थान पर 100 ग्राम सैंपल लेने की शिकायत भी सामने आई तो वहीं सहकारिता  विभाग द्वारा किसानों को यूरिया खाद न देने की शिकायत सामने आई साथ ही जिले भर के सभी कृषकों द्वारा उर्वरक नैनो का जोरदार विरोध कर उसे न लेने की शिकायत आयोग उपाध्यक्ष के समक्ष रखी इसी प्रकार आगे बढ़ते हुए सिंचाई विभाग से संबंधित किसानों ने  जसपुर ब्लॉक के  गांव आमका माइनर नहर में डाले जा रहे गंदे पानी को रोकने और नहर की सफाई कराने की मांग रखी तो वही तुमड़िया डैम से निकलकर बैलजोड़ी, वेंटवाला जैसे अनेक ग्रामों से गुजराने वाली कच्ची नहर में पिछले करीब 40 सालों से सफाई न होने की शिकायत की गई । विद्युत स्मार्ट मीटर को लेकर भी काफी हंगामा हुआ । विद्युत विभाग द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट प्रीपेड मीटर बैठक में भी घोर विरोध सामने आया जिसमें किसानों ने किसान आयोग के समक्ष मांग रखते हुए प्रीपेड मीटर न लगाने और किसानों की बिजली फ्री करने की मांग रखी इसी प्रकार गन्ना विभाग द्वारा किसानों का भुगतान न करने की शिकायत करते हुए गन्ने का रेट ₹500 प्रति कुंतल बढ़ाने की मांग की गई। वहीं इस संबंध में आयोग के उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह नामधारी ने कहा कि किसानों और संबंधित विभागों के बीच आपसी समन्वय बना रहे इसी के लिए किसान आयोग का गठन किया गया है । इसी उद्देश्य स यह समीक्षा बैठक की गई है बैठक में आई शिकायतों का समाधान करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं यदि कोई अधिकारी निर्देशों का पालन नहीं करता है तो आयोग उसके खिलाफ आयोग की धारा 21 के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई करेगा ।
रुद्रपुर: भारतीय किसान यूनियन के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष एवं कृषि उत्पादन मंडी समिति जसपुर के पूर्व अध्यक्ष प्रेम सिंह सहोता ने अपनी टीम के साथ किसान आयोग के उपाध्यक्ष राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नामधारी को किसानों की समस्याओं के संबंध में सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपा और समस्याओं का समाधान करने की मांग की । इस मौके पर सुरजीत सिंह ढिल्लों,कुलदीप सिंह काका, लखवीर सिंह लक्खा मौजूद रहे।