जसपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार वारंटी को छुड़ाने के लिए वारंटी के परिजनों द्वारा पुलिस टीम पर जानलेवा हमला, पुलिस पर हमला करना पड़ा महंगा,पुलिस पर हमला करने वाले परिजनों व सहयोगियों सहित 7 लोगों पर मुकदमा,सास-बहु समेत घटना के 2 आरोपी गिरफ्तार,5 आरोपी फरार,फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने में जुटी पुलिस

-सुशील चौहान 
उत्तराखण्ड: जसपुर,ऊसिंन कोतवाली क्षेत्र में वारंटी को गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर वारंटी को छुड़ाने के लिए उसके परिजनों ने जानलेवा हमला करने का दुस्साहस किया । जो हमलावरों को महंगा पड़ा । पुलिस ने इस मामले में वारंटी की मां और पत्नी को गिरफ्तार कर लिया । पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी करने जुटी हुई है।
जानकारी के अनुसार न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट जसपुर द्वारा एफआईआर नं 508/2023 केस क्राईम नम्बर 494/2024 धारा 60 आबकारी अधिनियम के संबंध में अभियुक्त सुखविन्दर सिंह पुत्र बिशन सिंह निवासी भोगपुर डाम नं 2 जसपुर के विरुद्ध गैर जमानती वारण्ट जारी किया गया था, जिसमें दिनांक 16.05.2026 की तिथि नियत थी ।
दिनांक 15-05-2026 को मुखबिर खास से वारण्टी सुखविन्दर के अपने घर पर होने की सूचना पर एस आई गोविन्द सिंह मेहता व कांस्टेबल  सुभाष डुंगरियाल द्वारा उक्त वारंट की तामील हेतु वारण्टी सुखविन्दर के घर पर गिरफ्तारी हेतू दबिश दी गई। सुखविन्दर सिंह अपने घर के आंगन में खड़ा था, पुलिस ने सुखविन्दर सिंह को उसके विरुद्ध जारी वारण्ट के सार से अवगत कराया और उसके घर के आंगन में ही समय करीब 21.00 बजे उसे पकड़ लिया , इतने में ही सुखविन्दर सिंह ने जोर जोर से चिल्लाकर अपनी मां शीलो कौर व पत्नी मंजीत कौर, भाई मंगत सिंह, चचेरे भाई संदीप सिंह तथा राजू सिंह पुत्र स्वर्गीय बन्ता सिंह, जगपाल सिंह उर्फ जस्सा पुत्र जीत सिंह आदि को बुला लिया । इन सभी के द्वारा गिरफ्तार वारण्टी सुखविन्दर सिंह को पुलिस की गिरफ्त से छुडाने हेतु पुलिस टीम को एक राय होकर घेर लिया । उनमें से किसी के हाथ में डन्डे व तो किसी के हाथ में पाठल थी । वे पुलिस टीम को गाली गलौज कर चीखते हुए सुखविन्दर सिंह को छोड़ने के लिए कहने लगे।
शीलो कौर ने अचानक से उप निरीक्षक गोविन्द मेहता के हाथ से वारण्ट छीनने की कोशिश की । जिससे वारण्ट का कुछ हिस्सा फट गया। सभी लोग सुखविन्दर को छुडाने के लिए पुलिस टीम पर हमलावर हो गये।
पुलिस टीम गिरफ्तार वारण्टी सुखविन्दर सिंह को किसी तरह लाने लगी तो उपरोक्त सभी के द्वारा एक राय होकर पुलिस टीम पर लाठी-डन्डो से हमला कर पुलिस टीम के साथ मारपीट की गई । संदीप सिंह के द्वारा पाठल से पुलिस टीम के उपर जानलेवा वार कर दिया जिससे उप नि गोविन्द मेहता और कांस्टेबल सुभाष डुंगरियाल ने किसी तरह खुद को बचाया। यदि पुलिस टीम पाठल के जानलेवा हमले से खुद को नहीं बचाती तो उपरोक्त लोग पुलिस टीम को जान से मार देते। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उधम सिंह नगर ने घटना का संज्ञान लेते हुए प्रकरण में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने व उनकी गिरफ्तारी हेतु जसपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक को पुलिस टीम गठित कर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए । वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार उप निरीक्षक गोविन्द सिंह मेहता चौकी प्रभारी पतरामपुर कोतवाली जसपुर द्वारा आरोपियों के खिलाफ जसपुर कोतवाली में  एफआईआर नम्बर 186/202 धारा 109, 121, 127(2), 132, 190, 191(2),191 (3),221, 324, 351 (2), 352, 3(5) बीएनएस के अंतर्गत सुखविन्दर सिंह व अन्य 6 आरोपियों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधम सिंह नगर के निर्देश पर गठित पुलिस टीम के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुये घटना मे संलिप्त 2 आरोपियों को
01 शीलो कौर पत्नी स्वर्गीय विशन सिंह निवासी भोगपुर डाम नम्बर 02 जसपुर (अभियुक्त सुखविन्दर कि मां ),02 मंजीत कौर पत्नी सुखविन्दर सिंह निवासी उपरोक्त (पत्नी अभियुक्त सुखविन्दर सिंह) ,
को गिरफ्तार कर लिया गया । जिन्हें संबंधित न्यायालय में पेश किया गया । जबकि पांच आरोपी फरार हो गए ।
फरार आरोपी:
01- सुखविन्दर सिंह,
02- मंगत सिंह,
03- संदीप सिंह,
04- राजू सिंह,
05- जगपाल सिंह उर्फ जस्सा
फरार अभियुक्तो की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम का गठन किया गया है और गिरपतारी हेतु प्रयास जारी है।
पुलिस ने कहा कि नशा तस्कर के विरुद्ध वारंट तामील की सही कार्यवाही किए जाने पर भी कुछ लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं तथ्यहीन प्रसारण किया जा रहा है । जो उनके नशा तस्करों से अनुचित संबंधों को ही दर्शाता है ।