– सुशील चौहान
उत्तराखण्ड : जसपुर, ऊधम सिंह नगर के जसपुर क्षेत्र का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था ठीक नहीं होने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू नहीं हैं। ऐसी स्थिति में पतरामपुर का सरकारी अस्पताल
सफेद हाथी साबित हो रहा है। जिसके कारण क्षेत्रवासी अत्यधिक परेशान हैं और उनमें भारी रोष व्याप्त ।
सफेद हाथी साबित हो रहा है। जिसके कारण क्षेत्रवासी अत्यधिक परेशान हैं और उनमें भारी रोष व्याप्त ।जसपुर क्षेत्र उत्तराखण्ड का प्रमुख क्षेत्र है और पतरामपुर इस क्षेत्र का प्रमुख गांव है । गांव ही नहीं बल्कि यह आसपास के करीब 2 दर्जन गांवों का केंद्र है । इसलिए इसकी गांव नहीं बल्कि पतरामपुर क्षेत्र में गिनती होती है । यह जंगल और डाम से लगा दुर्गम क्षेत्र है । पतरामपुर क्षेत्र के गांवों में पतरामपुर के अलावा सीपका, नई आबादी सीपका, तिलक नगर, भोग पुर डाम गुरुद्वारा नंबर 1, 2 ,3, 4 , 5 , मनोरथपुर फर्स्ट सेकंड थर्ड, मलपुरी, भोगपुर फॉर्म, भूडा फॉर्म, हजीरो, रामनगर, जगदीशा वाला, निजामगढ़ बढ़ियों वाला, फजलपुर, मकोनियो, भगवंनपुर वीरपुरी आदि गांव शामिल हैं । इसके अलावा गांवों से अलग दुर्गम स्थान पर तमाम फार्म हाऊस हैं। जंगल के अंदर जगह-जगह आबादियां हैं । यह करीब 40 हजार की आबादी वाला क्षेत्र है । इसके अलावा जंगल के में एतिहासिक तीरथ मंदिर व कालू सैयद मजार जैसे ऐतिहासिक तीर्थ स्थल हैं , जहां पर श्रद्धालुओं का काफी आवगमन बना रहता है । तीरथ मंदिर पर प्रति वर्ष विशाल वार्षिक अंतर्राज्यीय मेले का आयोजन किया जाता है । मेले में भारी संख्या में दूर-दूर श्रद्धालु आते हैं । कालू सैयद मजार पर हर बृहस्पतिवार को विशाल मेले का आयोजन किया जाता है । जिसमें दूर-दूर के श्रद्धालु आते हैं ।
पतरामपुर में कंप्लीट मार्केट है। पतरामपुर में वन चौकी, रिपोर्टिंग पुलिस चौकी, बैंक,जसपुर सहकारी समिति उर्वरक बिक्री केंद्र, बिजली घर है तमाम विद्यालय व कर्यालय हैं । जिनसे तमाम कर्मचारी और उनके परिवार जुड़े हैं । पता नहीं कि दिन या रात में वक्त कौन बीमार हो जाए या कोई हादसा हो जाए । जंगल क्षेत्र होने की वजह से जंगली जानवरों का आतंक है । पता नहीं जंगली जानवर कब किस पर हमला कर दे ।
कई बार जंगली जानवर रात-विरात में लोगों पर जानलेवा हमला कर देते हैं । जिन्हें उपचार की तत्काल आवश्यकता है। इसके बावजूद इतने बड़े क्षेत्र में एक कंपलीट अस्पताल होना नितांत आवश्यक है । लेकिन इसके बावजूद जसपुर क्षेत्र के गांव पतरामपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था ठीक नहीं हो पा रही है । इस स्वास्थ्य केंद में स्वास्थ्य सेवाएं अस्त वस्त हैं । युवा समाजसेवी अल्ताफ हुसैन
ने अस्पताल की दुर्दशा पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस अस्पताल की व्यवस्था ठीक नहीं है। अस्पताल में केवल एक आयुर्वेदिक डॉक्टर है । वह भी नियमित रूप से अस्पताल में सेवा नहीं दे पा रहे हैं । उनके अस्पताल आने-जाने का कोई समय नहीं है । उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर अस्पताल में बुधवार और शनिवार को टीकाकरण जरुर किया जाता है । इसके अलावा कोई व्यवस्था ठीक नहीं है । उनका कहना है कि दुर्गम क्षेत्र होने के बावजूद पतरामपुर सरकारी अस्पताल की व्यवस्था ठीक नहीं है । जिसके कारण जब कोई व्यक्ति बीमार हो जाता है तो उसे उपचार हेतु जसपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाना पड़ता है । दुर्गम क्षेत्र होने के कारण ऐसे में लोगों को बहुत भारी परेशानी का सामना करता पड़ता है । जिन मरीजों की हालत नाजुक होती है तो वे जसपुर तक जते-जाते दम तोड़ देते हैं । उन्होंने मांग की है कि पतरामपुर सरकारी अस्पताल की व्यवस्था तत्काल ठीक की जाए । डॉक्टर की टीम 24 घंटे तैनात रहे , ताकि इस क्षेत्र के बीमार व दुर्घटना के शिकार लोगों उपचार के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न पड़े । पतरामपुर सरकारी अस्पताल की व्यवस्था ठीक न होने के कारण आसपास के गांवों की जनता में भी भारी रोष व्याप्त है ।
ने अस्पताल की दुर्दशा पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस अस्पताल की व्यवस्था ठीक नहीं है। अस्पताल में केवल एक आयुर्वेदिक डॉक्टर है । वह भी नियमित रूप से अस्पताल में सेवा नहीं दे पा रहे हैं । उनके अस्पताल आने-जाने का कोई समय नहीं है । उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर अस्पताल में बुधवार और शनिवार को टीकाकरण जरुर किया जाता है । इसके अलावा कोई व्यवस्था ठीक नहीं है । उनका कहना है कि दुर्गम क्षेत्र होने के बावजूद पतरामपुर सरकारी अस्पताल की व्यवस्था ठीक नहीं है । जिसके कारण जब कोई व्यक्ति बीमार हो जाता है तो उसे उपचार हेतु जसपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाना पड़ता है । दुर्गम क्षेत्र होने के कारण ऐसे में लोगों को बहुत भारी परेशानी का सामना करता पड़ता है । जिन मरीजों की हालत नाजुक होती है तो वे जसपुर तक जते-जाते दम तोड़ देते हैं । उन्होंने मांग की है कि पतरामपुर सरकारी अस्पताल की व्यवस्था तत्काल ठीक की जाए । डॉक्टर की टीम 24 घंटे तैनात रहे , ताकि इस क्षेत्र के बीमार व दुर्घटना के शिकार लोगों उपचार के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न पड़े । पतरामपुर सरकारी अस्पताल की व्यवस्था ठीक न होने के कारण आसपास के गांवों की जनता में भी भारी रोष व्याप्त है ।